नागरिकता संशोधन कानून की जरूरत नहीं पड़ती अगर देश का धार्मिक आधार पर बंटवारा ना हुआ होता =अनूप गुप्ता
December 31, 2019 • Chanderpal

स्वतंत्र सिंह भुल्लर ,नई दिल्ली 

भारतीय जनता पार्टी द्वारा नागरिक संशोधन  कानून 2019 पर अटल भवन भाजपा कार्यालय तुलसीपार्क बलरामपुर में प्रेस वार्ता का आयोजन किया। भाजपा प्रदेश मंत्री अनूप गुप्ता ने प्रेस बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन कानून 2019 की जरूरत ही नहीं पड़ती अगर देश का धार्मिक आधार पर बंटवारा ना हुआ होता कांग्रेस की नीतियों के कारण ही देश का धर्म के आधार पर बंटवारा हुआ 1950 में हुए नेहरू लियाकत समझौते के अनुसार दोनों देश अपने यहां रहने वाले अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करेंगे और उन्हें अपने धर्म का सम्मान और रक्षा की पूरी छूट दी जाएगी लेकिन पाकिस्तान में यह समझौते पूरी तरह से फेल हो गया 1947 में पाकिस्तान में जहां अल्पसंख्यकों की संख्या 23% थी वह 2011 में मात्र 3.7 % रह गई इसके लिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक रूप से प्रताड़ित अल्पसंख्यकों हिंदू ,सिख,बौद्ध,जैन पारसी,ईसाई के हितों की रक्षा के लिए नागरिक संशोधन कानून 2019 लाया गया है। 26 सितंबर 2047 को महात्मा गांधी ने एक सभा में खुले तौर पर कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू,सिख हर नजरिए से भारत आ सकते हैं अगर वहां निवास नहीं करना चाहते है उस स्थिति में उन्हें नौकरी देना और उनके जीवन को सामान्य बनाना भारत सरकार का पहला कर्तव्य है। नरेंद्र मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून 2019 बनाकर गांधी जी के वचन का सम्मान करते हुए उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है साथ ही पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार असंख्य विस्थापित शरणार्थियों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिया है परंतु नकली गांधी परिवार एवं विपक्ष वोट बैंक की राजनीति करने के लिए भ्रम फैला रहा है मुसलमानों में यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि यह मुसलमानों से देश की नागरिकता छीन लेने वाला कानून है यह झूठ फैलाया जा रहा कि इस कानून से भारत के मुस्लिमों को घुसपैठिया बताया जाएगा  भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि इस कानून से एनआरसी बनाया जाएगा मुसलमानों में भय व्याप्त कर कुत्सित राजनीति हताश विपक्ष कर रहा है देश में अराजकता, तोड़फोड़,आगजनी कराई जा रही है। जो पूर्वोत्तर के राज्य हैं  उनके अधिकारों,भाषा, संस्कृति,सामाजिक पहचान को सुरक्षित करने के लिए उनको संरक्षित करने के लिए भी इसमें पर्याप्त प्रावधान हैं जनजाति लाखों पर यह बिल लागू नहीं होगा पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में जो सुरक्षा दी गई है उसी को आगे बढ़ाते हुए छठे भाग में असम,मेघालय, त्रिपुरा और मणिपुर को भी नोटिफाइड किया जा चुका है। इस ऐतिहासिक घड़ी में कांग्रेस भारत का विभाजन की अपनी ऐतिहासिक गलतियों के लिए  प्रायश्चित करने से एक बार पुनः चूक गई इस कानून का विरोध करके कांग्रेस ने एक बार पुन: सिद्ध कर दिया है कि उसका गांधी जी से वचन,भावना और उनके दर्शन से अब कोई संबंध नहीं है यह कांग्रेस की दुर्भाग्यपूर्ण राजनीति है जो गांधी नेहरू के द्वारा स्थापित नीति का विरोध करके मानवाधिकारों को कुचलने का काम कर रही है इसी को विनाश काले विपरीत बुद्धि कहा जाता है। उक्त अवसर पर जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंह,सदर विधायक पलटू राम,जिला मीडिया प्रभारी डी पी सिंह बैस, डॉक्टर अजय सिंह पिंकू,शिव कुमार द्विवेदी, वरुण सिंह मोनू, हरीश चंद्र गोयल,अंशुमाली भारतवंशी आज प्रमुख कार्यकर्ताओं ने प्रदेश मंत्री अनूप गुप्ता का स्वागत एवं अभिनंदन किया।