किसानों को खराब फसलों का मुआवजा देने स्वीकृति प्रदान 
December 5, 2019 • Chanderpal

नागु वर्मा उज्जैन 
विधायक दिलीप सिंह गुर्जर की मांग पर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा क्षेत्र के अन्नदाता की खराब फसलों का मुआवजा प्रदान किए जाने हेतु 1 अरब 74 करोड 82 लाख 24 हजार 920 रूपये की 
स्वीकृति प्रदान की है। 
प्रदेश सरकार द्वारा दी गई स्वीकृती के तहत खाचरौद तहसील के लिए फसल क्षति राहत  राशि  83 करोड 66 लाख एवं नागदा के कृषकों के लिए 91 करोड 16 लाख रूपये की सहायता राशि की स्वीकृति दी गई है। राजस्व विभाग के अधिकारियों को कृषकों को प्राप्त होने वाली मुआवजे की राशि ई-पेमेन्ट के माध्यम से उनके बैंक खातों में सीधे डाले जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अति वर्षा से फसले हो गई थी खराब
विधायक गुर्जर ने बताया कि अतिवर्षा के चलते किसानों की सोयाबीन की फसल अत्यधिक खराब हो गई थी। जिसको लेकर उनके द्वारा प्रदेश स्तर पर क्षेत्र के किसानों की खराब सोयाबीन की फसल क्षतिपूर्ति की राशि अन्नदाता को प्रदान किए जाने हेतु मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री से मुलाकात कर शीघ्र भूगतान किए जाने का अनुरोध किया था। इसी के चलते खाचरौद-नागदा क्षेत्र के किसानों को कुल 1 अरब 74 करोड 82 लाख 24 हजार 920 रूपये की राशि का भुगतान किया जाऐगा।

नागदा एवं खाचरौद के कृषकों को मिलेगा मुआवजा
श्री गुर्जर ने बताया कि पाडसुत्या गांव के लिए 824540 रूपये, उमरना के लिए 699340 रूपये, बिलवानिया के लिए 12,55,160 रूपये, सेकडी सुल्तानपुर के लिए 673618, कडीयालि के लिए 540858, संदला के लिए 2511832, कमठाना के लिए 595374, मदगनी के लिए 477796 रूपये की राशि इन गांवों में ई-पेमेन्ट सिस्टम द्वारा भूगतान की कार्रवाई राजस्व विभाग द्वारा प्रारंभ कर दी गई है। क्षेत्र के अन्य गांवों की ई-पेमेन्ट की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ होगी।

दस्तावेज अधिकारियों को उपलब्ध करवाऐं
श्री गुर्जर ने क्षेत्र के किसानों से अनुरोध किया है कि फसल क्षति राशि हेतु अपने भूमि के दस्तावेज संबंधित ग्राम के हल्का पटवारी को उपलब्ध करवाऐं, वहीं खाचरौद-नागदा के अनुविभागीय अधिकारी को निर्देशित किया है कि क्षेत्र का एक भी पात्र

किसान फसल हानि की मुआवजा राशि से वंचित न रहे।
गौरतलब है कि खाचरौद-नागदा क्षेत्र के अधिकतर गांवों  में खेतों में खडी सोयाबीन फसल पर पहले तो मौसम की मार और अब अधिक बारिश, अफलन व ईल्ली के प्रकोप से फसल नष्ट हो गई थी। क्षेत्र के कई गांवों की सैकडों बीघा में बोई गई सोयाबीन की फसल अतिवृष्टि के कारण बांझ रह गई थी और क्षेत्र में खराब सोयाबीन की फसल को देख-देखकर किसानों के चेहरे पर मायुस दिखाई दे रहे थे तथा अन्नदाता के समक्ष जीवन यापन का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था। अन्नदाता की उक्त परेशानी को विधायक गुर्जर द्वारा गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्रीजी एवं कृषि मंत्री से मुआवजा राशि प्रदान किए जाने की मांग की थी।