99 करोड़ रुपये की लागत से शहर के चारो तरफ बनेगा 20 किमी लंबा रिंग रोड -7 मीटर चौड़े रिंग पर बनेंगे दो रेलवे ओवरब्रिज डीएम ने पूर्वांचल विकास बोर्ड को भेजा 98.95 करोड़ का प्रस्ताव
February 15, 2020 • Chanderpal


 सिमरन कनौजिया नई दिल्ली 

बलरामपुर। सदर विधायक पलटू राम विधानसभा  एवं संबंधित  विभागों से  लगातार संपर्क करने तथा  पूर्वांचल विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष साकेत मिश्रा के प्रथम आगमन पर भाजपा कार्यालय में व्यापक विचार-विमर्श के बाद शहर को भारी आवागमन के दबाव तथा लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए शहर के चारो तरफ 20 किमी लंबे रिंग रोड का निर्माण कराया जाएगा इस रिंगरोड में दो रेलवे ओवरब्रिज भी बनेंगे रचना बनाई थी जिस पर डीएम ने रिंगरोड के लिए भारत सरकार पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार को 98 करोड़ 95 लाख रुपये का प्रस्ताव अनुमोदन के लिए भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही रिंगरोड का निर्माण कार्य शुरु हो जाएगा।

विदित हो कि बलरामपुर को 22 मई 1997 में जिले का दर्जा दिया गया था। इस शहर में बीते 23 वर्षों से आवागमन का माध्यम शहर के बीचोबीच बनी सड़कें ही हैं। आवागमन का दबाव लगातार बढ़ने से अब हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। यही नहीं सड़कों पर बढ़ रही वाहनों की संख्या तथा उनसे निकलने वाले धुंए से प्रदूषण का स्तर भी खतरनाक होता जा रहा है। इन्हीं सारी समस्याओं को देखते हुए डीएम ने शहर के बाहर रिंग रोड बनवाने का प्रस्ताव पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार को भेजा है। प्रस्तावित रिंग रोड की कुल लंबाई 20 किलोमीटर है। इस रिंग रोड पर दो रेलवे ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे। पहला ओवरब्रिज फुलवरिया बाईपास विशुनीपुर के पास तथा दूसरा ओवरब्रिज तुलसीपार्क नई बस्ती के बाहर राप्ती नदी के तटबंध के पास बनाया जाएगा। रिंग रोड के लिए कुल 98 करोड़ 95 लाख रुपये के व्यय का बजट बनाया गया है। इस रिंग रोड को गोण्डा-मार्ग से बहराइच मार्ग, बहराइच मार्ग से तुलसीपुर मार्ग, तुलसीपुर मार्ग से रेहरा सोनार गांव होते हुए उतरौला मार्ग तथा उतरौला मार्ग से फुलवरिया कलवारी होते हुए गोण्डा मार्ग को जोड़ा जाएगा। रिंग रोड बनने से न केवल शहर के लोगों को भारी यातायात के दबाव से मुक्ति मिलेगी बल्कि जाम तथा प्रदूषण का खतरा भी काफी कम हो जाएगा।

मंजूरी मिलते ही शुरु होगा निर्माण

-मुख्यालय के चारो तरफ रिंग रोड बनवाने का प्रस्ताव भारत सरकार पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार को भेजा गया है। इसके लिए कुल 98.95 करोड़ रुपये बजट की मांग की गई। प्रस्ताव की मंजूरी तथा बजट का आवंटन होते ही रिंगरोड का निर्माण कार्य शुरु करा दिया जाएगा।